India Rastogi Rustagi Rohatgi Varanasi, Farrukhabad, Kanpur, Meerut, Ghaziabad, Moradabad, lucknow Rustogi Rastogee RastogiWorld.com, Rastogi online | Rohatgi Rohatgee haryana bawal | Rohtash Rohtashgarh bihar जयपुर, pink city, sawai jai singh, राजस्थान , jaipur, india, rastogi in jaipur, rustagi in jaipur, Harishchandra bandhu in - RastogiWorld.com - Rastogi Rustagi Rohatgi Dublish : India number 1 and only website for Maharaja HarishChandra Bandhu Samaj
Dear Member! Kindly note, this website is strictly for matrimonial purpose only and not a dating website and this should not be used for posting obscene material.
.
 
Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish RostogiHomeRastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish Rostogi Matrimonial Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish Rostogi Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish RostogiMembership Plans Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish Rostogi More Attractions Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish Rostogi Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish RostogiWhy Advertise with us Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish Rostogi Rastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish RostogiContact usRastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish RostogiAbout usRastogi Rustagi Rohatgi Rohtash Dublish Rostogi
Hi Guest! Matrimonial Members Log In Become a Matrimonial member, Register Now

 RW Matrimonial
Matri Login
Bride / Groom Search
Advanced Search
Forgot ID / Password
Matri Success Stories
Post Success Story
Matri Registration
 Kids Corner
आखिर मादा मच्छर ही क्यों काटती है...
Visits: 4199 | Date: 09/03/14
कोक-पेप्सी आदि कोल्ड-ड्रिंक्स वास्त...
Visits: 6722 | Date: 23/03/13
मैगी:"यानि टेस्ट भी हेल्थ भी"???...
Visits: 46610 | Date: 06/11/12
National Symbol...
Visits: 4818 | Date: 18/10/12
View All Kids Articles
Post an Article
 Devotional
शिवरात्र...
Visits: 2815 | Date: 08/02/15
8 मार्च से होलाष्टक शुर...
Visits: 2844 | Date: 09/03/14
रावण...
Visits: 4639 | Date: 24/08/13
श्री शिवमहापुराण में ...
Visits: 3790 | Date: 26/07/13
View All Devotional
Publish an Article
 Rising Star
Mukul Rohatgi...
Visits: 3877 | Date: 01/07/14
Deepak rastogi...
Visits: 4455 | Date: 11/10/13
Abhishant Kr....
Visits: 4841 | Date: 13/05/13
Dr. Aruna Dubl...
Visits: 4214 | Date: 05/05/13
View All Stars
 News/Articles
RastogiWorld.com And...
Visits: 3856 | Date: 19/03/14
जापान से सिखने के लिए हमारे पास मस्तिष्क क...
Visits: 3801 | Date: 22/09/13
कौन सी कम्पनी हमारे देश में कब आयी और कितन...
Visits: 3630 | Date: 24/08/13
कहाँ गए आर्य? कब जागेगी आर्य संस्कृति??...
Visits: 3372 | Date: 26/07/13
Motivational Stories
Interesting News
Indian Culture
About India
View All News
Publish a News
 Just Born
Aditya rastogi...
Visits: 3241 | Date: 24/12/13
Nivedan Rastogi...
Visits: 3862 | Date: 16/10/13
Navya Rastogi...
Visits: 3430 | Date: 03/10/13
KAVYA RASTOGI...
Visits: 4633 | Date: 17/04/13
View All B'days
Post a New Born
 Obituary
Raghunandan Prasad Rastogi...
Visits: 2984 | Date: 25/05/14
Shubhraj Rasto...
Visits: 2904 | Date: 10/05/14
Prof. (Retd.) ...
Visits: 3829 | Date: 01/06/13
R. B. Rastogi...
Visits: 4265 | Date: 08/03/13
View All Obituaries
Post an Obituary
 Recpies
पनीर मसाला...
Visits: 3856 | Date: 24/08/13
चिल्ली पनीर | Chilli Paneer...
Visits: 4811 | Date: 25/02/13
मजेदार लज़ीज़ लाजë...
Visits: 8687 | Date: 27/11/11
छोले - भटूरे, पिंडी छ&...
Visits: 6208 | Date: 27/11/11
View All Recipes
Post a Recipe
 Jokes
munturian ...
Visits: 3578 | Date: 06/05/14
Biscuit wala's ...
Visits: 3404 | Date: 21/03/14
मुर्गी का बच्चा...
Visits: 3459 | Date: 28/01/14
happy birthday ...
Visits: 3645 | Date: 25/10/13
View All Jokes
Post a Joke
 SMS/Poems
Wada ham ne ki...
Visits: 2713 | Date: 27/10/13
Usko aadat he ...
Visits: 2867 | Date: 27/07/13
चलो अच्छा हुआ, जो तु...
Visits: 3607 | Date: 23/03/13
बहुत एहसान है......
Visits: 3244 | Date: 23/03/13
View All SMS/Poems
Post an SMS/Poem
You are here: Home > India > जयपुर - गुलाबी नगर - जलमहल, जंतर-मंतर, आमेर महल, नाहरगढ़ का किला, हवामहल और आमेर का किला
India : जयपुर - गुलाबी नगर - जलमहल, जंतर-मंतर, आमेर महल, नाहरगढ़ का किला, हवामहल और आमेर का किला
Posted by: Ashu Rastogi   |   Posted on: 05/12/2011   |   Views: 4174   |    291 Likes
जयपुर
जिसे गुलाबी नगर के नाम से भी जाना जाता है, भारत में राजस्थान राज्य की राजधानी है। आमेर के तौर पर यह जयपुर नाम से प्रसिद्ध प्राचीन रजवाड़े की भी राजधानी रहा है। इस शहर की स्थापना १७२८ में आंबेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय ने की थी। जयपुर अपनी समृद्ध भवन निर्माण-परंपरा, सरस-संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर तीन ओर से अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ है। जयपुर शहर की पहचान यहाँ के महलों और पुराने घरों में लगे गुलाबी धौलपुरी पत्थरों से होती है जो यहाँ के स्थापत्य की खूबी है। १८७६ में तत्कालीन महाराज सवाई मानसिंह ने इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ प्रिंस ऑफ वेल्स युवराज अल्बर्ट के स्वागत में पूरे शहर को गुलाबी रंग से आच्छादित करवा दिया था। तभी से शहर का नाम गुलाबी नगरी पड़ा है।

इतिहास
राजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने यह शहर बसाने से पहले इसकी सुरक्षा की भी काफी चिंता की थी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ही सात मजबूत दरवाजों के साथ किलाबंदी की गई थी। जयसिंह ने हालाँकि मराठों के हमलों की चिंता से अपनी राजधानी की सुरक्षा के लिए चारदीवारी बनवाई थी, लेकिन उन्हें शायद मौजूदा समय की सुरक्षा समस्याओं का भान नहीं था। इतिहास की पुस्तकों में जयपुर के इतिहास के अनुसार यह देश का पहला पूरी योजना से बनाया गया शहर था और स्थापना के समय राजा जयसिंह ने अपनी राजधानी आमेर में बढ़ती आबादी और पानी की समस्या को ध्यान में रखकर ही इसका विकास किया था। नगर के निर्माण का काम १७२७ में शुरू हुआ और प्रमुख स्थानों के बनने में करीब चार साल लगे। यह शहर नौ खंडों में विभाजित किया गया था, जिसमें दो खंडों में राजकीय इमारतें और राजमहलों को बसाया गया था। राजा को शिल्पशास्त्र के आधार पर यह नगर बसाने की राय एक बंगाली ब्राह्मण विद्याधर भट्टाचार्य ने दी थी।

यह शहर प्रारंभ से ही 'गुलाबी' नगर नहीं था बल्कि अन्य सामान्य नगरों की ही तरह था, लेकिन १८५३ में जब वेल्स के राजकुमार आए तो महाराजा रामसिंह के आदेश से पूरे शहर को गुलाबी रंग से रंग जादुई आकर्षण प्रदान करने की कोशिश की गई थी। उसी के बाद से यह शहर 'गुलाबी नगरी' के नाम से प्रसिद्ध हो गया। सुंदर भवनों के आकर्षक स्थापत्य वाले, दो सौ वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैले जयपुर में जलमहल, जंतर-मंतर, आमेर महल, नाहरगढ़ का किला, हवामहल और आमेर का किला राजपूतों के वास्तुशिल्प के बेजोड़ नमूने हैं।

स्थापत्य
शहर चारों ओर से दीवारों और परकोटों से घिरा हुआ है, जिसमें प्रवेश के लिए सात दरवाजे हैं। बाद में एक और द्वार भी बना जो न्यू गेट कहलाया। पूरा शहर करीब छह भागों में बँटा है और यह १११ फुट(३४ मी.) चौड़ी सड़कों से विभाजित है। पाँच भाग मध्य प्रासाद भाग को पूर्वी, दक्षिणी एवं पश्चिमी ओर से घेरे हुए हैं, और छठा भाग एकदम पूर्व में स्थित है। प्रासाद भाग में हवा महल परिसर, व्यवस्थित उद्यान एवं एक छोटी झील हैं। पुराने शह के उत्तर-पश्चिमी ओर पहाड़ी पर नाहरगढ़ दुर्ग शहर के मुकुट के समान दिखता है। इसके अलावा यहां मध्य भाग में ही सवाई जयसिंह द्वारा बनावायी गईं वेधशाला, जंतर मंतर, जयपुर भी हैं।

जयपुर को आधुनिक शहरी योजनाकारों द्वारा सबसे नियोजित और व्यवस्थित शहरों में से गिना जाता है। शहर के वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य का नाम आज भी प्रसिद्ध है। ब्रिटिश शासन के दौरान इस पर कछवाहा समुदाय के राजपूत शासकों का शासन था। १९वीं सदी में इस शहर का विस्तार शुरु हुआ तब इसकी जनसंख्या १,६०,००० थी जो अब बढ़ कर २००१ के आंकड़ों के अनुसार २३,३४,३१९ हो चुकी है। यहाँ के मुख्य उद्योगों में धातु, संगमरमर, वस्त्र-छपाई, हस्त-कला, रत्न व आभूषण का आयात-निर्यात तथा पर्यटन आदि शामिल हैं। जयपुर को भारत का पेरिस भी कहा जाता है। इस शहर की वास्तु के बारे में कहा जाता है , कि शहर को सूत से नाप लीजिये, नाप-जोख में एक बाल के बराबर भी फ़र्क नही मिलेगा।

नियोजित तरीके से बसाये गये इस जयपुर में महाराजा के महल,औहदेदारों की हवेली और बाग बगीचे,ही नही बल्कि आम नागरिकों के आवास और राजमार्ग बनाये गये.गलियों का और सडकों का निर्माण वास्तु के अनुसार और ज्यामितीय तरीके से किया गया,नगर को सुरक्षित रखने के लिये,इस नगर के चारो ओर परकोटा बनवाया गया,और पश्चिमी पहाडी पर नाहरगढ का किला बनवाया गया.पुराने दुर्ग जयगढ मे हथियार बनाने का कारखाना बनवाया गया,जिसे देख कर आज भी वैज्ञानिक चकित हो जाते हैं,इस कारखाने और अपने शहर जयपुर के निर्माता सवाई जयसिंह की स्मॄतियों को संजोये विशालकाय जयबाण तोप आज भी सीना ताने इस नगर की सुरक्षा करती महसूस होती है.महाराजा सवाई जयसिंह ने जयपुर को नौ आवासीय खण्डों मे बसाया,जिन्हें चौकडी कहा जाता है,इनमे सबसे बडी चौकडी सरहद में राजमहल,रनिवास,जंतर मंतर,गोविंददेवजी का मंदिर,आदि हैं,शेष चौकडियों में नागरिक आवास, हवेलियां और कारखाने आदि बनवाये गये.प्रजा को अपना परिवार समझने वाले सवाई जयसिंह ने सुन्दर शहर को इस तरह से बसाया कि यहां पर नागरिकों को मूलभूत आवश्यकताओं के साथ अन्य किसी प्रकार की कमी न हो,सुचारु पेयजल व्यवस्था,बागबगीचे,कल कारखाने आदि के साथ वर्षाजल का संरक्षण और निकासी का प्रबंध भी करवाया.सवाई जयसिंह ने लम्बे समय तक जयपुर में राज किया,इस शहर में हस्तकला,गीत संगीत,शिक्षा,और रोजगार आदि को उन्होने खूब प्रोत्साहित किया.वास्तु अनुरुप ईशर लाट,हवामहल,रामनिवास बाग,और विभिन्न कलात्मक मंदिर, शिक्षण संस्थान,आदि का निर्माण करवाया.

बाजार- जयपुर प्रेमी कहते हैं कि जयपुर के सौन्दर्य को को देखने के लिये कुछ खास नजर चाहिये, बाजारों से गुजरते हुए,जयपुर की बनावट की कल्पना को आत्मसात कर इसे निहारें तो पल भर में इसका सौन्दर्य आंखों के सामने प्रकट होने लगता है. लम्बी चौडी और ऊंची प्राचीर तीन ओर फ़ैली पर्वतमाला सीधे सपाट राजमार्ग गलियां चौराहे चौपड भव्य राजप्रसाद.मंदिर और हवेली,बाग बगीचे,जलाशय,और गुलाबी आभा से सजा यह शहर इन्द्रपुरी का आभास देने लगता है,जलाशय तो अब नहीं रहे,किन्तु कल्पना की जा सकती है,कि अब से कुछ दशक पहले ही जयपुर परकोटे में ही सिमटा हुआ था,तब इसका भव्य एवं कलात्मक रूप हर किसी को मन्त्र मुग्ध कर देता होगा. आज भी जयपुर यहां आने वाले सैलानियों को बरसों बरस सहेज कर रखने वाले रोमांचकारी अनुभव देता है.

जयपुर में भी अन्य शहरों की तरह हरीश चन्द्र बधुओं का विशाल समाज सम्पन्नता से बहोत समय से रह रहा है. जयपुर के अलावा जोधपुर, धौलपुर, उदयपुर, और सम्पूर्ण राजस्थान में श्री रस्तोगी रुस्तगी रोहतगी रोहताश दुबलिश और सभी हरीशचन्द्र बन्धु सुखी - संपन्न हो के रह रहे है!


Category: India | Ashu Rastogi | Posted on: 05/12/2011
Keywords: जयपुर, pink city, sawai jai singh, राजस्थान , jaipur, india, rastogi in jaipur, rustagi in jaipur, Harishchandra bandhu in


Posted by: Ashu Rastogi   |   Posted on: 05/12/2011   |   Views: 4174   |    291 Likes   |   Like it


ADD FACEBOOK COMMENTS

FACEBOOK LIKES

FOLLOW RASTOGIWORLD ON FACEBOOK

PPL WHO LIKES RASTOGIWORLD.COM on FB



Read more related India

हिन्दू नव-वर्ष (चैत्रीय नवरात्र) और हम
ना तो जनवरी साल का पहला मास है और ना ही 1 ...
Likes: 248 | Visits: 2696
क्या आप जानते हैं कि......
क्या आप जानते हैं...
Likes: 300 | Visits: 3623
देवास के निष्कलंकेश्वर महादेव, जहां दूर होता है कुष्ठ रोग!
देवास से करीब 25 कि...
Likes: 289 | Visits: 3078
उत्तर प्रदेश के चंदौसी (चाँद सी) की स्थापना महर्षि वाल्मीकि जी
चंदौसी सिटी, भार...
Likes: 271 | Visits: 4188
मकर संक्रांति | उत्तरायण - का विशेष महत्व
मकर संक्रांति - ê...
Likes: 283 | Visits: 3231




Motivational Stories
Interesting News
News
Indian Culture
About India
Devotional Section
Rising Stars
Just Born
Obituaries
Recipes
Jokes
Kids Section
SMS/Poems
 
Invite Your Friends
Report an Error



Users online now: 87


MatrimonialOur BankersSite MapFollow us: follow RastogiWorld.com on Twitterfollow RastogiWorld.com on Linkedin
- Matri Registration
- Matrimonial Login
- Forgot your ID or password
-------------------------------------------------
- Bride / Groom Search
- Matrimonial Advanced Search
- Read Success Stories
- Post a Success Stories
Indian Bank
Kotak Mahindra Bank
- About RastogiSamaj
- About us
- Advertise with us
- Report Error
- Contact Us
- FAQs
Testimonials:

Terms of Use | Privacy Policy | Disclaimer Policy | Cancellation & Refund Policy | Shipping & Delivery Policy
Content © rastogiworld.comSite Designed and Maintained by CreatiVitti eSolutions   |   Own a website in just Rs. 5000/-*  
Channel Partners: Envogue Services | Enterprise Value Added Services company providing communication solutions like SMS, Voice and WAP
If you are NOT able to view other member's Photograph / profile details, that means, in your own matrimonial profile, these details are missing.
We strongly recommend you to kindly complete your profile, in order to view complete profile of others.